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इटावा – विद्याकान्त तिवारी को के के महाविद्यालय का निदेशक बनाकर विद्यालय की छवि सुधारने की कोशिश शुरू।

इटावा शिक्षा

इटावा – के के महाविद्यालय में नकल पकड़े जाने के बाद महाविद्यालय की खराब हुई छवि को सुधारने के लिये महाविद्यालय प्रबंधन ने विद्याकान्त तिवारी को कॉलेज का निदेशक बनाकर विद्यालय की छवि सुधारने की कोशिश शुरू की है। विद्याकान्त तिवारी ने कहा कि पिछले दिनों जो हुआ समाज मे महाविद्यालय के प्रति गलत संदेश गया और इसको सही करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा की मेरी भूमिका राज मिस्त्री की है जिसका काम मरम्मत कर चीजो को दुरुस्त करना है। कुछ लोगो द्वारा कॉलेज की छवि इतनी खराब कर दी गई है की सड़क पर निकल कर कॉलेज के बारे में बताने में शर्म लगती है जबकि असलियत में विद्यालय खराब नही है। इसी छवि को सुधारने की जरूरत है। महाविद्यालय प्रबंधन और कर्मचारियों को मिल कर इसमे सुधार करने की जरूरत है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम सिंह यादव समेत विद्यालय से निकल कर गए हज़ारो छात्र आईएएस, पीसीएस, आईआरएस, आईपीएस समेत शिक्षा विभाग में उच्च पदों पर बैठे है। लेकिन आज के छात्र पढ़ने की वजाय नकल पर भरोसा करते है जिसकी बजह से आगे नही जा पाते है। शिक्षण संस्थानों की बाढ़ आ गई है शिक्षा अब पेशा बन गई जिसकी बजह से शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ, शिक्षा का स्तर गिरा है।

हम विद्यालय से अच्छे छात्र देना चाहते है हम चाहते है 24 कैरट की छात्र निकले और समाज को अच्छी दिशा दे। नकल कराने वाले निजी शिक्षण संस्थानों ने नकल को बढ़ावा देकर शिक्षा का स्तर गिरा दिया है।निजी शिक्षण संस्थानो को समझना होगा कि सिर्फ डिग्री देने से छात्रों का भविष्य नही बनेगा। महाविद्यालय में पिछले दिनों पकड़ी गई नकल के बारे में बताया कि गलत फहमी की बजह से नकल की शंका हुई जबकि कॉलेज में नकल नही की जा रही है।

पूर्व प्राचार्य विद्याकान्त तिवारी ने कहा कि हमारे पास विद्वान शिक्षक है पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर है पूरे संसाधन है सिर्फ इनमें सुधार करना है। अब शिक्षा प्रणाली बदल रही है अब छात्रों को उसी के अनुसार तैयार करना है। प्रेसवार्ता के दौरान कार्यवाहक प्राचार्य सुचित्रा वर्मा, प्रबंध समिति के मंत्री राकेश वर्मा, लेक्चरर अंकुर वर्मा समेत स्टाफ के कई लोग मौजूद रहे।

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