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इटावा – स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत जन शिक्षण संस्थान द्वारा शौचालय प्रयोग के महत्व पर गोष्ठी का आयोजन हुआ।

इटावा सामाजिक कार्य

इटावा। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत जन शिक्षण संस्थान ने शौचालय प्रयोग के महत्व पर गोष्ठी का आयोजन जनपद इटावा के विकासखंड बढ़पुरा के ग्राम लुहन्ना में मुख्यातिथि राज्य संसाधन समूह के सदस्य रामजनम सिंह व संस्थान के निदेशक हरि नारायण बाजपेयी ग्राम प्रधान धीर सिंह राजपूत ने शुभारंभ किया।

मुख्यातिथि राज्य संसाधन समूह के सदस्य रामजनम सिंह ने शौचालय प्रयोग के महत्व की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा भारत के लगभग 50 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच जाते हैं । वातावरण दूषित होता है बीमारियां फैलती हैं महिलाओ के सम्मान को क्षति पहुचती है और अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं और ये सब खुले में शौच करने की एक बुरी आदत की वजह से। यह बुरी आदत हमे बीमार बनाती है न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को भी ताक पर रख दिया है इस एक बुरी आदत ने । भारत के गाँव जहाँ अब हर घर में औसतन 2 मोबाइल फोन है पर आधा गाँव खुले में शौच करता है और कहता है सरकार बनवाएगी शौचालय तब देखेंगे, और जिन के शौचालय सरकार ने बनवा दिए उनमे से अधिकाँश उनमे लकड़ी और कंडे रखते है , कुछ ने उस शौचालय को दुकान का रूप दे दिया है, सिर्फ शौचालय बनाने से काम नही चलने वाला। शौचालय से ज्यादा आवश्यक है स्वच्छता के प्रति सोच बनाना।

संस्थान के निदेशक हरि नारायण बाजपेयी ने कहा कि वर्तमान समय में स्वच्छता हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। यह समय भारत वर्ष के लिए बदलाव का समय है, बदलाव के इस दौर में यदि हम स्वच्छता के क्षेत्र में पीछे रह गए तो आर्थिक उन्नति का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। साथ ही हमें इसे एक बड़े स्तर पर भी देखने की जरूरत है ताकि हमारे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। खुले में शौच करने से पर्यवरण की सुरक्षा का खतरा है। इसके अलावा बीमारी व महामारी फैलाने की भी संभावना बनी रहती है। इसलिए लोग सौचालय के महत्व को समझे और लोगो को इसके बारे में बताने का प्रयास करें।

लुहन्ना ग्राम के प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका राबिया बानो ने कहा किबआज अगर देखा जाए तो गांव में जागरूकता के अभाव से शौचालय का प्रबंध व प्रयोग नही है। खेतों में पुरुष और महिला दोनों ही जाते है। गांव में जवान लड़किया , नई बहुएं, और औरते का खेत में जाना उनके लिए खतरनाक होता है। इसलिए शौचालय का प्रबंध होना चाहिए ताकि घर की बहुएं औऱ बेटियों को खेत में जाने की आवश्कता न पड़े।

गोष्टी में शैलेन्द्र सिंह, जयवीर सिंह, निकिता फ़ातिमा, करूणा शंकर मिश्रा, कविता, अलका भदौरिया, नीलू, हिमा शर्मा, रवीन्द्र चौहान, जय शिव मिश्र, संदीप, इन्दू, स्नेह कुमार उपस्थित रहे।

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