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इटावा – विश्व सर्प दिवस 16 जुलाई पर आयोजित हुई सर्प संरक्षण जागरूकता गोष्ठी।

इटावा सामाजिक कार्य

इटावा – आज जुलाई माह के मध्य में लगभग सभी सर्पमित्रों द्वारा देश भर मे विभिन्न जगहों पर विश्व सर्प दिवस मनाया जा रहा है।

चूंकि सर्प सदियों से एक रहस्यमयी प्रजाति भी रही है अतः अभी तक सर्पों पर समूहिक रूप से बात करने का प्रचलन भी अभी तक लगभग बहुत कम ही रहा है अतः लोगो मे इस वजह से इन बेजुबानों की प्रकृति में उपयोगिता व इनके महत्व के प्रति जागरूकता की बेहद कमी भी देखने को मिली है। इसी क्रम में आज जनपद इटावा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, कांधनी में मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया परिवार एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये एक दशक से ज्यादा समय से कार्यरत संस्था ओशन के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक विचार गोष्ठी में विद्यालय के स्टाफ के कई शिक्षकों व अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सर्प पहचान व सर्पदंश से बचाव हेतु एक महत्वपूर्ण चर्चा में अपनी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की व सर्पो से जुड़ी पूर्व भ्रांतियां व सर्पदंश के बाद दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रिया के सभी उत्तर पूर्ण संतुष्टि के साथ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी द्वारा प्राप्त किये।

आज की गोष्ठी के संयोजक व मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया इटावा के सदस्य एवं संस्था के प्रधानाचार्य, पर्यावरण मित्र डॉ निर्मल चन्द्र बाजपेई ने कहा कि, उन्होंने अब तक के अपने विद्यालय के सेवाकाल में कई सर्प रेस्क्यू किये है क्यों कि,राजकीय आश्रम पद्धति व्यवस्था में ज्यादातर स्कूल शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र में ही बने है जहाँ सर्पों का एरिया में घुस आना एक स्वभाविक बात ही है लेकिन किसी हमने या हमारे किसी भी छात्र ने आजतक किसी भी सर्प को मारा नही है क्यों कि, वे सभी प्रकृति में इस जीव का महत्व जानते है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अथिति के रूप में मौजूद मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया जनपद इटावा टीम के सदस्य व पूर्व सहायक कोषाधिकारी कोषागार विभाग इटावा आशुतोष भट्टाचार्य ने कहा कि, में आपको बताना चाहता हूँ कि, जहर ही जहर को मारता है, यही जो सर्प जहरीले है इनके ही खतरनाक विष से हमारे आपके जीवन बचाने की दवा भी विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा लैब में तैयार की जाती है।

इसी क्रम में कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया उत्तर प्रदेश के कोर्डिनेटर व संस्था ओशन के महसचिव, वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ0 आशीष त्रिपाठी ने कहा कि, हमारे हिन्दू धर्म मे सर्प सदैव से ही सम्मानित जीव रहे है, देवाधिदेव महादेव के प्रिय श्रृंगार में सम्मलित ये जीव बिल्कुल भी घृणित नही है बल्कि मानव जाति के सहयोगी है जो प्लेग जैसी खतरनाक महामारी को समाज मे फैलाने वाले चूहों को खाकर उनकी अनियंत्रित संख्या को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करते है। अतः में आज यह अपील करता हूँ कि आप सभी सर्पों के संरक्षण हेतु आगे आये व उनके संरक्षण की शपथ भी लें ।

उन्होंने कहा कि, हमारे जनपद में तीन प्रकार के विषैले सर्पों में कोबरा ,करैत व रसल वाइपर को छोड़कर लगभग सभी सर्प विषहीन ही है जिनसे डरने की आवश्यकता नही है। कार्यक्रम के अंत मे विचार गोष्ठी के संयोजक प्रधानाचार्य डॉ0 निर्मल चन्द्र बाजपेई ने सभी को सर्प संरक्षण की शपथ दिलाई व कार्यक्रम के अतिथियों का स्टाफ को जानकारी देने के लिये विशेष आभार व्यक्त किया।

आज की इस विचार गोष्ठी में रामकृपाल, प्रतिपाल सिंह, अभिषेक भास्कर, शिखा यादव, पुष्पराज सिंह, राकेश कुमार, अर्चना यादव, संगीता प्रजापति, आरती सोनकर, कुमकुम यादव, सुधा सिंह यादव, नीलम, आदित्य गौरव व सुषमा कुमारी संस्था के वरिष्ठ लिपिक श्री संतोष कुमार व मोहम्मद जीशान, सलमान, अमित, सूर्यभान, सर्वेश, रिन्की आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी कोविड नियमों का पूर्ण रूप से पालन भी किया गया।

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