EtawahToday

इटावा – सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पर वित्तीय अनियमितताओं के लगे आरोप।

इटावा सैफई

इटावा – प्रोफेसर समीर सर्राफ पर वित्तीय अनियमितताओं के साथ साथ अन्य लगे हुए आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में दिल्ली व प्रदेश के अन्य अस्पतालों के डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं जो समीर सर्राफ़ पर लगे हुए गंभीर आरोपों की जांच करेंगे । इस कमेटी में डॉ. विनय कृष्णा भी शामिल हैं, जो कानपुर हृदय रोग संस्थान में डॉक्टर हैं ।

सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के हृदय रोग विभाग में हृदय रोग के उपकरणों की खरीददारी में कुछ गड़बड़ किये जाने का मामला पता चला है । २४ मार्च को कुछ उपकरण जैसे पेसमेकर, स्टंट की खरीददारी में अनियमितता पाई गई है ।

संस्थान के कुलपति अनुसार यह मामला साल २०१९ में नवम्बर महीने का है। प्रोफेसर समीर सर्राफ पर यह आरोप हैं की चिकित्सा उपकरण जैसे बैलून, पेसमेकर, स्टंट और वायर इनकी वास्तविक कीमत से अधिक मूल्य पर खरीदे गए हैं, और इनका मूल्य अस्पताल में आने वाले मरीजों से भी वसूला गया है।

इस हेराफेरी की जांच के लिए प्रशासन ने ३ डॉक्टरों की कमेटी जांच के लिए गठित कर दी थी ।

इस ३ डॉक्टरों की कमेटी ने अपनी जांच में पाया की डेढ़ साल से ज्यादा अवधि वाले चिकित्सा उपकरणों के बावजूद भी नए उपकरणों को खरीदा गया है।

इस पूरे मामले के संज्ञान में आने पर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संस्थान के कुलपति ने तत्काल प्रभाव से डॉ. समीर सर्राफ को निलंबित कर दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.