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इटावा – पिछले दो दिनों से गोशाला में भूसा नहीं पहुंचा है। भूसे के अभाव में भूख से गोवंश तड़प रहे हैं।

इटावा जनपद प्रशासन सैफई

इटावा — सैफई। ग्रामीणों ने बताया कि कई-कई दिनों तक गोशाला का गेट बंद रहता है। कोई कर्मचारी झांकने तक नहीं जाता है। मवेशी भूखे प्यासे रहते हैं।

ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नगला सुभान के मजरा तिरकारा वाचा में ग्राम समाज की ओर से संचालित गोशाला में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। यहां हरा चारा और भूसे की भारी कमी है। पिछले एक महीने में छह से अधिक गोवंश की मौत हो चुकी है। गो पालक सतीश का कहना है कि मरने वालों में एक बछड़ा, एक बैल और चार गाय हैं। पिछले दो दिनों से गोशाला में भूसा नहीं पहुंचा है। भूसे के अभाव में भूख से गोवंश तड़प रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या से अनजान बने हुए हैं।

यहां के अस्थायी गो पालक सतीश ने बताया कि गोवंशों को खाने में सिर्फ सूखा भूसा मिलता है वह भी कम मात्रा में। जो कि पिछले दिनों से खत्म हो गया है। हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम समाज की गोशाला में अफसर कभी आते ही नहीं हैं। गो पालक को आठ महीने से वेतन नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई-कई दिनों तक गोशाला का गेट बंद रहता है। कोई कर्मचारी झांकने तक नहीं जाता है। मवेशी भूखे प्यासे रहते हैं।

निवर्तमान प्रधान पति महेश दिवाकर का कहना है कि गोशाला में 52 गोवंश मौजूद थे। डॉक्टर ने सिर्फ 40 गोवंश दर्शाए हैं। शासन की ओर से एक गाय के चारे के लिए 30 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है, जो अपर्याप्त है। उसमें भी समय अनुसार भुगतान नहीं किया जाता है।
एडीओ पंचायत अनिल वाजपेई का कहना है। पंचायत सचिव कमला को निर्देशित कर दिया है कि भूसे की व्यवस्था की जा रही है। कुछ बजट की समस्या थी इस कारण समस्या आ रही है। वह भी एक-दो दिन में हल हो जाएगी, गोवंश मरने के सवाल पर का इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।

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