इटावा- दिन में हुआ था झगड़ा, रात को कर दी हत्या।

इटावा- दिन में हुआ था झगड़ा, रात को कर दी हत्या।

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इटावा- पूर्व सभासद के भाई जितेंद्र उर्फ मोनू वर्मा की हत्या का खुलासा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया। हत्या का कारण पुरानी रंजिश रही। गुरुवार रात वारदात हुई थी दोपहर को मोनू का मुख्य आरोपी बेटू चौधरी से झगड़ा हुआ था। पुलिस को आरोपियों के पास से दो तमंचे भी मिले हैं।

कबीरगंज निवासी पूर्व सभासद विमल वर्मा के भाई जितेंद्र उर्फ मोनू वर्मा की गुरुवार देर रात सिर में तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। रविवार को सदर कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को पक्का तालाब चौराहे से एसएसपी चौराहा जाने वाले मार्ग पर शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

इनमें मुख्य आरोपी कबीरगंज निवासी बेटू चौधरी उर्फ अंकुर चौधरी, इसरार व मकसूदपुरा निवासी अनवार अहमद उर्फ रानू हैं। बेटू ने पुलिस को बताया कि 2016 में उसका मोनू वर्मा व उसके बड़े भाई पंकज वर्मा के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद से दोनों में रंजिश चली आ रही है। पांच सालों में दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ। गुरुवार देर रात घर आते समय बेटू व इसरार ने मोनू की गोली मारकर मोनू की हत्या कर दी।

बेटू चौधरी और मोनू का गुरुवार दोपहर किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद आरोपी बेटू ने मोनू की हत्या की योजना बनाई। वह मोहल्ले के इसरार से मिला। इसरार का मोनू से करीब एक माह पूर्व विवाद हुआ था। मोनू ने सदर कोतवाली में उसके खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। बेटू ने इसरार को मोनू से बदला लेने के लिए उकसाया और साथ ही अपने अन्य साथियों को सतर्क कर दिया।

जब शाम को मोनू घर से निकला तब भीड़भाड़ होने की वजह से आरोपी उसे नहीं मार सके थे। वह देर रात उसके लौटने का इंतजार करते रहे। तभी बाइक से मोनू के घर आने पर बेटू ने उसे रोक लिया। इस दौरान दोनों में कुछ बहस हुई और बेटू ने तमंचा निकालकर सीधे मोनू के सिर में गोली मार दी। दूसरी गोली इसरार व तीसरी फिर से बेटू ने मारी। इसके बाद आरोपियों ने दहशत फैलाने के लिए मोहल्ले में कई राउंड फायरिंग की थी

बेटू चौधरी, इसरार, अनवार अहमद उर्फ रानू समेत उनके अन्य साथी हत्या कर घटना स्थल पर कुछ देर खड़े रहे थे। इसके बाद बेटू व इसरार, मित्र अनवार अहमद उर्फ रानू के घर चले गए थे। यहां पर तीनों आरोपी एक घंटे से अधिक रुके रहे। बाहर मौजूद इनके अन्य साथी घटना स्थल पर मौजूद पुलिस व पीड़ित परिजनों पर नजर रख रहे थे। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही थी। तभी तीनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे।

पूर्व सभासद का भाई मोनू जुआ व सट्टा खेलने का शौकीन था। सूत्रों के मुताबिक बेटू पहले क्षेत्र में सट्टा व जुआ खिलवाता था, जिसका आधा हिस्सा मोनू लेता था। मोनू ने धीरे-धीरे इस धंधे को हथियाना चालू कर दिया था। जुएं व सट्टा में आने रुपये मोनू रखने लगा था। जुएं के रुपये के लेनेदेन को लेकर भी दोनों में विवाद चल रहा था।

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