इटावा- निर्वाचन प्रक्रिया में सरेआम लोकतांत्रिक स्तंभ की हत्या

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इटावा- विधान परिषद के खंड स्नातक, खण्ड शिक्षक मतदान के दौरान सामने आई भाजपा नेता विमल भदौरिया की धांधली।

इटावा बढ़पुरा ब्लॉक में मतदान प्रक्रिया के दौरान अपने गुर्गों के साथ फर्जी वोट प्रतिबंधित पोलिंग क्षेत्र में पहुंचकर फर्जी वोटिंग करवाकर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे थे भाजपा नेता विमल भदौरिया।

मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर धांधली उजागर होने के डर से भाजपा नेता ने शुरू की गुण्डई, धमकाते हुए कैमरे बन्द करवाकर पत्रकारों के साथ ब्लॉक में की गई मारपीट।

उक्त नेता के गुर्गों द्वारा पत्रकारों को लग्जरी कार में वहां से अगवा करके उनके साथ अप्रिय घटना घटित करने की भी की गई भरपूर कोशिशें,वरिष्ठ अधिकारियों के दखल पर अपहृत होने से बचे पत्रकार।

विमल भदौरिया के रसूक व उनसे व्यक्तिगत सम्बन्धों के चलते थानाध्यक्ष जीवाराम यादव घटना के समय वहां से किनारा कर गए,व अन्य पुलिसफोर्स वहां मूकदर्शक बने रहे, पत्रकारों के साथ उनके सामने होती रही मारपीट।

वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से पत्रकारों द्वारा सूचित किये जाने पर मौके पर पहुंचे एसपी सिटी।

सदर विधानसभा से भाजपा विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंची घटनास्थल।

अपने गुर्गों को बचाने के लिए विधायका के सामने पत्रकारों को विमल भदौरिया ने दी धमकी कहा,” बात यहीं खत्म कर दो अभी तो कुछ भी नही हुआ अगर बात को बढ़ाया तो तुम्हारे साथ जो होगा वो तुमने सोचा भी नही होगा।

गौरतलब है कि स्वतंत्र भारत मे लोकतंत्र की सरेआम हो हत्या हो रही है चुनाव प्रक्रिया को क्षेत्रीय नेता प्रभावित कर रहे है ऐसे में लोकतांत्रिक स्तंभ (मीडिया) के दखल के बाद मीडियाकर्मियों के साथ इतना सब कुछ होता रहा और थानाध्यक्ष योजनाबद्ध तरीके से वहां से निकल गए वहां मौजूद अन्य पुलिस के जवान मूकदर्शक बने रहे।

देखना यह दिलचस्प होगा कि मामले में थानाध्यक्ष की जो संदिग्ध भूमिका रही उनके विरुद्ध और गुण्डई पर आमादा बेलगाम भाजपा नेताओं व उनके गुर्गों के विरुद्ध निर्वाचन अधिकारी व जिले के वरिष्ठ अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।

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