टिड्डी दल, नई मुसीबत: कब और कहां हुईं पैदा, कितनी खतरनाक…

इटावा चर्चा में

इटावा में जुलाई तक टिड्डी दलों के लगातार कई हमले रहने की संभावना है। वह उत्तर भारत के साथ-साथ बिहार और उड़ीसा तक भी जा सकते हैं।

कोरोना वायरस से जूझ रहे भारत के लिए टिड्डियों ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। कई राज्‍यों में टिड्डी दल ने किसानों से लेकर आम जनता को परेशान करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में कहा कि ‘इन हमलों ने हमें याद दिलाया है कि ये छोटा सा जीव कितना नुकसान करता है।’ उन्‍होंने कहा कि ‘हमारे कृषि क्षेत्र पर जो संकट आया है, उससे भी हम सब मिलकर लोहा लेंगे, बहुत कुछ बचा लेंगे।’ टिड्डी दल राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में सक्रिय हैं। राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। टिड्डी दल उत्तर-पश्चिम भारत समेत बिहार और उड़ीसा तक हमला कर सकते हैं, लेकिन उनके दक्षिण भारत की ओर बढ़ने की संभावना कम है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि “भारत सरकार हो, राज्‍य सरकार हो, कृषि विभाग हो, किसानों की मदद करने के लिए, आधुनिक संसाधनों का भी उपयोग कर रहा है। नए-नए आविष्‍कार की तरफ भी ध्‍यान दे रहा है, और मुझे विश्‍वास है कि हम सब मिलकर के हमारे कृषि क्षेत्र पर ये जो संकट आया है, उससे भी लोहा लेंगे, बहुत कुछ बचा लेंगे।”

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